डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय- Sugar Control Tips

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आज कल डायबिटीज (मधुमेह) की बीमारी आम बीमारी है। ये रोग व्यक्ति को कमजोर बनाती है, जिससे व्यक्ति को बहुत सारी परेशानियों का समाना करना पड़ता है | प्रीतिदिन बहुत लोग इस बीमारी का शिकार हो रहे है, भारत में 6 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज़ से पीड़ित हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि 2030 तक भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या 10 करोड़ को पार कर जाएगी। फिलहाल दुनियाभर के डायबिटीज़ के मरीज़ों का 17% हिस्सा भारत में मौजूद है और हर 2 मिनट में एक आदमी डाइबटीज से मर जाता हैं। आप इन आंकड़ों से ही अंदाज़ा लगा सकते हैं कि यह चुनौती कितनी बड़ी है। मधुमेह या डायबिटीज की बीमारी एक खतरनाक रोग है जिस में रक्त ग्लूकोज स्तर बढा़ हुआ मिलता है। यह रोग मरीजों के (रक्त मे गंदा कोलेस्ट्रॉल,) के अवयव के बढने के कारण होता है और साथ ही इन मरीजों में रक्त कोलेस्ट्रॉल, वसा के अवयव भी असामान्य हो जाते हैं। इन मरीजों में आँखों, स्नायु, मस्तिष्क, गुर्दों, हृदय के क्षतिग्रस्त होने से इनके गंभीर, जटिल, घातक रोग का खतरा बढ़ जाता है।

शुगर (मधुमेह ) के लक्षण 

  1. भूख बहुत ज्यादा लगती है
  2. लीवर सही तरह से काम नहीं करना
  3. आँखों की रोशनी बिना किसी कारण के कम होना और आँखों की रोशनी का धीरे -२ कम होना।
  4. शरीर में कमजोरी महसूस होना
  5. रक्त ग्लूकोज स्तर बढ़ जाता है|
  6. स्त्रियों में मासिक स्राव में विकृति अथवा उसका बन्द होना
  7. त्वचा के बार -२ रोगों का होना
  8. कोई भी चोट या जख्म देरी से भरना
  9. रोगी के हाथों, पैरों और गुप्तांगों पर खुजली वाले जख्म
  10. शरीर पर बार बार इन्फेक्शन होना और बार-बर फोड़े-फुँसियाँ निकलना
  11. ज्यादा खाना खाने के बाद भी रोगी का भार कम होना
  12. चक्कर आना और हृदय गति अनियमित होने का खतरा
  13. बार-बार पेशाब का आना
  14. मसूड़ों में सूजन आना

डायबिटीज (मधुमेह) किसी को भी – किसी भी उम्र में हो सकता है और आपकी सेहत को प्रभावित कर सकता है। डायबिटीज ऐसी बीमारी है जो एक बार हो जाये तो ज़िंदगी भर आपको परेशान कर सकती है। जब व्यक्ति को सुगर होता है तब शरीर को भोजन से उर्जा प्राप्त करने मैं कठनाई होती है पेट फिर भी भोजन को ग्लूकोज में बदलता रहता है। जब आपके रक्त में वसा (गंदे कोलेस्ट्रोल) की मात्रा बढ जाती है तब रक्त में मोजूद कोलेस्ट्रोल कोशिकाओ के चारों तरफ चिपकने लगता है और खून में मोजूद जो इन्सुलिन होता है कोशिकाओं तक नही पहुँच पाता है। वो इन्सुलिन शरीर के किसी भी काम में नही आता है जिस कारण जब हम  डायबिटीज चैक करते हैं शरीर में हमेशा डायबिटीज का स्तर हमेशा ही बढा हुआ होता है क्यूंकि वो कोशिकाओ तक नहीं पहुंची क्योंकि वहाँ (गंदे कोलेस्ट्रोल) जमा हुआ है जबकि जब हम बाहर से इन्सुलिन लेते है तब वो इन्सुलिन नया-नया होता है तो वह कोशिकाओं के अन्दर पहुँच जाता है। इस अवस्था का पूरा भार हमारे खान-पान पर होता है इसलिए हेल्दी डायट पर ध्यान देने की सबसे ज्यादा ज़रूरत होती है।

डायबिटीज के कारण है

हेरेडिटी (Heredity)- अगर किसी के माता पिता को डायबिटीज है तो उनके बच्चो हो भी मधुमेह होने की सम्भावना ज्यादा होती है।

  1. जंक फ़ूड या फ़ास्ट फ़ूड खाने वाले लोगो में मधुमेह के सम्भावना ज्यादा पाई जाती है।
  2. मोटापा- जिसके कारण इन्सुलिन उस मात्रा में नहीं बन पाता जिससे शरीर में शुगर लेवल में बढ़ोतरी होती है।
  3. उच्च रक्त चाप होने सेऔर उच्च कोलेस्ट्रोल लेवल जाने से
  4. महिलाओं में इसका प्रकोप मासिक-चक्र बन्द हो जाने (मीनोपाज) के बाद ही अधिकतर होता है |
  5. कार्बोज व वसा प्रधान आहार।
  6. मानसिक तनाव और डिप्रेशन।
  7. ज्यादा दवाइयों के सेवन।
  8. ज्यादा चाय, दूध, कोल्ड ड्रिंक्स और चीनी वाले खाने के सेवन।
  9. धूम्रपान और तम्बाकू का सेवन।

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डायबिटीज का घरेलू इलाज

डायबिटीज का इलाज करने के लिए आपको कुछ घरेलु टिप्स निचे दिए गए है जिसको इस्तमाल करने से आप डायबिटीज का घरेलु इलाज कर सकते हो और डायबिटीज से कैसे बचना चाहिए इसका भी आपको जवाब मिल जायेगा।

हर व्यक्ति को रोज सुबह एक घंटा योगा या व्यायाम करनी चाहिए

अगर आपको मधुमेह की बीमारी से बचना है तो आपको रोजाना सुबह योग करना है या आप किसी जिम में जाकर व्यायाम/ एक्सरसाइज कर सकते हो या बहार गार्डन में धुमने जाये.अगर आप योग करने का सोच रहे हो तो निचे दिए हुए योगासन को करने की जरुरत है.

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उपचार- 1 ( ध्यान रखें की अगर आप इनमे से किसी एक दावा का प्रयोग कर रहे है तो सिर्फ उसका ही करें बाकियो का न करें ) 

उपचार के लिए क्या चाहिए : ये दवाई मेथी दाने, करेले के बीज, जामुन के बीज, बेल के पत्ते से बनायीं जाती है जेसा की नीचे आपको बताया गया है| इस बीमारी के कई इलाज है जो सिर्फ घर से ही रिलेटिड है आप इन दवाइयों में से किसी का भी सेवन कर सकते है|

  1. 100 ग्राम मेथी का दान
  2. 100 ग्राम केरेले के बीज
  3. 150 ग्राम जामुन के बीज
  4. 259 ग्राम बेल के पत्ते

अब इनको धुप में सुखाकर फिर सिलबाट/ पत्थर पर पीसकर लें, अब इन सभी को एक साथ मिला ले और किसी सीसी मैं भरकर रख लें|  ये आपकी डाइबिटीज़ की दवा बनकर तैयार है। सुबह नास्ता करने से एक घंटे पहले एक चम्मच गर्म पानी के साथ खाली पेट 3 महीने तक सेवन करें| ( मतलब ये दवा आपको सुबह साम खाली पेट लेनी है)

उपचार- 2 (ध्यान रखें की अगर आप इनमे से किसी एक दावा का प्रयोग कर रहे है तो सिर्फ उसका ही करें बाकियो का न करें)

मेथी के दाने से उपचार: मेथी दाना से हम सभी परिचित है। ये वही पीले रंग के दाने है जो अचार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते है। इसी के कारण अचार में खुशबू और स्वाद का एक अनोखा आनंद मिलता है। अचार के अलावा दाना मेथी दाल , कढ़ी , सब्जी आदि के तड़के मे भी स्वाद और महक के लिए डाला जाता है। यह सिर्फ स्वाद और महक ही नहीं बढ़ाता , बल्कि हमारे स्वास्थ्य की रक्षा भी करता है। मेथी दाना बहुत गुणकारी और फायदे मंद होता है। मेथी दाना में प्रोटीन , कार्बोहाइड्रेट तथा कई प्रकार के खनिज जैसे आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नेशियम , कॉपर, मैगनीज तथा ज़िंक आदि होते है। इसके अतिरिक्त मेथी दाना कई प्रकार के विटामिन और जरुरी पोषक तत्वों का बहुत अच्छा स्रोत है। जिसमे  विटामिन B 6, विटामिन A, विटामिन C, फोलिक एसिड, थायमिन, राइबोफ्लेविन तथा नियासिन आदि शामिल है।

उपचार के लिए क्या चाहिए: एक चम्मच मेथी के दानों को रात को थोड़े से पानी में भिगो कर रख दो फिर सुबह उठ कर पानी को घूंट – घूंट कर के पिए और मेथी के दानों चबा लें।

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उपचार- 3 (ध्यान रखें की अगर आप इनमे से किसी एक दावा का प्रयोग कर रहे है तो सिर्फ उसका ही करें बाकियो का न करें)

त्रिफला चूर्ण से उपचार: त्रिफला के सेवन से अपने शरीर का कायाकल्प कर जीवन भर स्वस्थ रहा जा सकता है| आयुर्वेद की महान देन त्रिफला से हमारे देश का आम व्यक्ति परिचित है| त्रिफला का अर्थ क्या है – तीन फल पर कौन से तीन फल?

  1. आमला
  2. बहेड़ा
  3. हरड़

बाजार मे जितने भी त्रिफला चूर्ण मिलते है आमतौर पर सब मे तीनों की मात्रा बराबर होती है, बहुत ही कम बीमारियाँ होती है जिसमे त्रिफला बराबर मात्रा मे लेना चाहिए| जबकि आप जब त्रिफला चूर्ण बनवाए तो 1 : 2 : 3 मे ही बनवाए | इसका मतलब है हरड़ 100 ग्राम, बहेड़ा 200 ग्राम और आंवला 300 ग्राम| इन तीनों को कूट कर एक दूसरे मे मिलकर पाउडर बना लीजिये और रात को एक से डेड चमच गर्म दूध के साथ प्रयोग करें|

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उपचार- 4 (ध्यान रखें की अगर आप इनमे से किसी एक दावा का प्रयोग कर रहे है तो सिर्फ उसका ही करें बाकियो का न करें)

गौ मूत्र से उपचार: आयुर्वेद में गौ मूत्र के अनेको फायदे बताए गए है. वैज्ञानिकों ने भी पाया है के गौ मूत्र में कुछ ऐसे तत्व होते है जो शरीर  से कई तरह की बीमारियों को दूर रखते है. आइये जानते है गौ मूत्र से होने  वाले स्वास्थ्य लाभ। शास्‍त्रों में ऋषियों-महर्षियों ने गौ की अनंत महिमा लिखी है। उनके दूध, दही़, मक्खन, घी, छाछ, मूत्र आदि से अनेक रोग दूर होते हैं। गोमूत्र एक महौषधि है इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम क्लोराइड, फॉस्‍फेट, अमोनिया, कैरोटिन, स्वर्ण क्षार आदि पोषक तत्व विद्यमान रहते हैं इसलिए इसे औषधीय गुणों की दृष्टि से महौषधि माना गया है। गोमूत्र मनुष्य जाति तथा चिकित्सा जगत् को प्राप्त होने वाला अनुदान है। यह धर्मानुमोदित, प्राकृतिक, सहज, प्राप्य, हानिरहित, कल्याणकारी एवं आरोग्यवर्ध्दक रसायन है। गोमूत्र योगियों का दिव्य पान रहा है, वे इससे दिव्य शक्ति पाते थे।

गौ मूत्र का 15-20 मि.ली. गोमूत्र प्रतिदिन सुबह खाली पेट सेवन करें। यही नहीं गौमूत्र के प्रयोग से बडे़-बडे़ रोग जैसे, दिल की बीमारी, मधुमेह, कैंसर, टीबी, मिर्गी, एड्स और माइग्रेन आदि को भी ठीक किया जा सकता है।

 उपचार- 5 (ध्यान रखें की अगर आप इनमे से किसी एक दावा का प्रयोग कर रहे है तो सिर्फ उसका ही करें बाकियो का न करें) 

सोया की पत्तियां से उपचार: सोया की पत्तियां और बीजों में लाइमोनीन और युजीनॉल जैसे आवश्‍यक तेल पाए जाते है। युजीनॉल, एंटीसेप्टिक और एनेस्थेटिक (संवेदनाहारी गुणों) के कारण चिकित्‍सीय लाभ प्रदान करता है। यह आवश्‍यक तेल रक्त शर्करा के स्‍तर को कम करने में सहायक होता है। अध्ययन के अनुसार टाइप- 2 डाइबीटिज रोगी के लिए फायदेमंद होता है। यह इंसुलीन के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के साथ-साथ ब्लड-शुगर स्‍तर को नियंत्रित करता है। साथ ही ये थाइरॉयड को कंट्रोल करने के साथ-साथ इम्यूनिटी को बढ़ाता है और हड्डियों को मजबूती रखने में भी मदद करता है।
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उपचार- 6 (ध्यान रखें की अगर आप इनमे से किसी एक दावा का प्रयोग कर रहे है तो सिर्फ उसका ही करें बाकियो का न करें)

आम की पत्ती से उपचार: 5 ग्राम ताजे आम के पत्तों को 250 एमएल पानी में रात भर भिगो कर रख दें। इसके बाद सुबह इस पानी को छान कर पी लें। इसके अलावा सूखे आम के पत्तों को पीस कर पाउडर के रूप में खाने से भी मधुमेह में लाभ होता है।

उपचार- 7 (ध्यान रखें की अगर आप इनमे से किसी एक दावा का प्रयोग कर रहे है तो सिर्फ उसका ही करें बाकियो का न करें)

जामुन से उपचार: जामुन का रस, पत्ती़ और बीज मधुमेह की बीमारी को जड़ से समाप्त कर सकता हैं। जामुन के सूखे बीजों को पाउडर बना कर एक चम्मच दिन में दो बार पानी या दूध के साथ लेने से राहत मिलती है।

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